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Indira Kala Sangeet Vishwavidyalaya Khairagarh खैरागढ़। इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ में नए शैक्षणिक सत्र के अंतर्गत मंच पर सांस्कृतिक गतिविधियों की शुरुआत एक बेहतरीन कार्यक्रम से हुई। भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद के सहयोग से देश की मशहूर भरतनाट्यम कलाकार तान्या सक्सेना ने विश्वविद्यालय के परिसर क्रमांक-2 स्थित डॉक्टर नरेंद्र देव वर्मा प्रेक्षागृह में भरतनाट्यम की शानदार प्रस्तुति दी। इस अवसर पर इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय की कुलपति पद्मश्री डॉक्टर ममता (मोक्षदा) चंद्राकर, कुलसचिव प्रोफेसर डॉक्टर आईडी तिवारी, प्रसिद्ध कला मर्मज्ञ श्री प्रेम चंद्राकर, समस्त अधिष्ठातागण तथा विश्वविद्यालय परिवार उपस्थित था।

विश्वविद्यालय के सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रभारी डॉक्टर योगेंद्र चौबे ने बताया कि भारतीय राष्ट्रीय सांस्कृतिक परिषद के सहयोग से संपन्न इस कार्यक्रम के अंतर्गत मशहूर भरतनाट्यम कलाकार तान्या सक्सेना के द्वारा प्रस्तुतियां दी गईं। होराइजन सीरीज के अंतर्गत ‘प्रतिबिंब’ शीर्षक के साथ तान्या ने नृत्य की तीन अलग-अलग प्रस्तुतियां दीं। उनकी प्रस्तुतियों को खूब सराहना मिली। तालियों के बीच कुलपति के द्वारा प्रतीक चिन्ह भेंट किया गया।
तान्या सक्सेना के द्वारा भरतनाट्यम के विद्यार्थियों और शोधार्थियों को भरतनाट्यम की बारीकियां भी बताई गईं। इस अवसर पर कुलपति पद्मश्री डॉक्टर ममता (मोक्षदा) चंद्राकर ने मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कहा कि सभी विद्यार्थियों को तान्या सक्सेना जैसी कलाकार से सीखना चाहिए। कुलपति ने तान्या के द्वारा किए गए नवाचार और प्रयोग की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि किसी कला की मूल आत्मा को जीवित रखते हुए स्वस्थ और संतुलित नवाचार की दिशा में तान्या सक्सेना के प्रयास प्रशंसनीय हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की, कि तान्या सक्सेना की प्रस्तुतियों और उनके टिप्स से विश्वविद्यालय के विद्यार्थी और शोधार्थी कुछ और भी बेहतर आत्मसात कर पाएंगे।
इस अवसर पर नृत्यांगना तान्या सक्सेना ने अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने प्रस्तुति के बाद खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह प्रस्तुति उनके लिए बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां दर्शक दीर्घा में विद्यार्थी और गुणीजन बैठे हैं, जो कला को जानते हैं और उसका सम्मान करते हैं। सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रभारी डॉक्टर योगेंद्र चौबे ने आईसीसीआर, कुलपति, कुलसचिव समेत समस्त सहयोगियों के प्रति आभार प्रकट किया। कार्यक्रम का संचालन डेविड सोलंकी और श्रिशिका शर्मा ने किया। इस अवसर पर पूरा विश्वविद्यालय परिवार उपस्थित था।