Gariaband चिंगरा पगार गए एक हजार पर्यटक बाढ़ की वजह से फंसे, घण्टो मशक्कत स निकले बाहर


Gariaband गरियाबंद । चिंगरा पगार वाटरफ़ॉल से आधे किलोमीटर पहले नाले में बाढ़ आने के चलते चिंगरा पगार घूमने गए लगभग एक हजार लोग ऊपर पहाड़ी की ओर फसे गए है जिन्हें वापस निकालने पुलिस और प्रशासन काफी मशक्कत करनी पड़ी।ज्ञात ही कि सावन महीने में बारिश होने की वजह से चिंगरा पगार वाटरफ़ॉल अपने पूरे सवाब पर है जिसका दूर दूर से सैलानी इसका लुफ्त उठाने आ रहे है पर लगतार बारिश की वजह से आज रविवार को चिंगरा पगार वाटरफ़ॉल से आधा किलोमीटर पहले नाले में पानी सर से ऊपर हो गया जिसके चलते चिंगरा पगार गए पर्यटक शाम को लौटते वक़्त नाले के बाढ़ में फास गए जिन्हें सुरक्षित निकालने पुलिस और प्रशासन लगातार जुटी उसके बाद बड़ी मुश्किल से फसे लोगो को दूसरे रास्ते से बाहर सडक़ तक निकाला गया।

वही देख गया की ऐसी अनहोनी को टालने के चलते पुलिस विभाग द्वारा पर्यटक स्थल से पर्यटको को बाहर निकालने शाम ढालने के पहले पांच बजे से ही वापस सडक़ तक निकलने कहा जाता था परन्तु सैलानियों द्वारा उनके निर्देशो को नजरअंदाज कर झरना स्थल में ही टालमटोल कर रुके रहते थे उनकी इस लापरवाही के चलते आज प्रशासन को पर्यटको की सुरक्षा को लेकर काफ़ी परेशानीयो को सामना करना पड़ रहा है।गौरतलब है कि चिंगरा पगार जिसकी प्राकृतिक सुंदरता आज पूरे राज्य में चर्चित है ,जिसके चलते रविवार को हजारों की सँख्या में पर्यटक उक्त स्थल में पहुचे थे।वहां तक पहुचने के लिए लोग सुबह से पहुचना प्रारम्भ कर दिए थे,जो अपने निजी वाहन को लेकर झरना स्थल तक पहुच गए जिससे मुख्यमार्ग से झरना स्थल तक वाहनों की झमघट लग गई।

साथ बढ़ती भीड़ के चलते गरियाबंद यातायात और कोतवाली पुलिस सुरक्षा के लिए सुबह नौ बजे से ही मौके पर पहुच चके थे।लेकिन रविवार की हुए मूसलाधार बारिश के बाद भी यातायात और कोतवाली पुलिस सुरक्षा में लगे रहे।वही लगभग दो हजार चार पहिया वाहनों की कतार चिंगरा पगार से एक एक किलोमीटर दोनो ओर खड़ी दिखी साथ ही हजारों की सँख्या में मोटरसाइकिल भी खड़ी दिखे।इन वाहनों का ग्राम के वन सुरक्षा समिति द्वारा जो वन विभाग के अधिनस्त है उनके द्वारा मोटरसाइकिल का दस रूपये और चार पहिया वाहन का तीस रुपये पार्किंग शुल्क तो लिया जाता है लेकिन सुरक्षा ब्यवस्था बिल्कुल भी नही किया जाता।