Chhattisgarh Tribal Folk Art Academy : ऊंच नीच के भेदभाव को खत्म कर अंधविश्वास को भी मिटाया


Chhattisgarh Tribal Folk Art Academy : राम सिंह साहू जय हिंद नाचा पार्टी कटोरी कबीरधाम ने किया गम्मत ‘गरीब दास अउ अमीरचंद गौंटिया’ का मंचन

Chhattisgarh Tribal Folk Art Academy : रायपुर। छत्तीसगढ़ आदिवासी लोक कला अकादमी की ओर से 9 दिवसीय नाचा समारोह के तीसरे दिन शुक्रवार की शाम महंत घासीदास संग्रहालय परिसर रायपुर के सभागार में नाचा कलाकारों ने समाज से भ्रष्टाचार, अंधविश्वास और ऊंच नीच के भाव को खत्म करने तथा अंतर जाति विवाह को बढ़ावा देने का संदेश दिया।

Chhattisgarh Tribal Folk Art Academy : यहां राम सिंह साहू जय हिंद नाचा पार्टी कटोरी कबीरधाम ने गम्मत ‘गरीब दास अउ अमीरचंद गौंटिया’ का मंचन किया। इस गम्मत में सामाजिक संदेश के साथ पल-पल में हास्य से भरपूर संवादों ने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। शुरूआत में छत्तीसगढ़ आदिवासी लोक कला अकादमी के अध्यक्ष नवल शुक्ल ने कलाकारों का स्वागत किया।


Chhattisgarh Tribal Folk Art Academy : इस गम्मत में बताया गया कि गांव में एक गरीब किसान गरीबदास और मालगुजार अमीरचंद का खेत लगा हुआ था। मालगुजार गरीब आदमी को कमजोर समझ कर उनके खेत का पानी रोज फोड़ कर अपने खेत में ले जाता था गरीबदास रोज खेत के मुहाने को बांधता था। एक दिन खेत में ही गांव का गौंटिया अमीरचंद उस गरीब आदमी को पीटने लगता है। लेकिन आगे मामला पंचायत और पुलिस तक जाने पर गौंटिया अपने प्रभाव से फैसला अपने पक्ष में कर लेता है।

गरीबदास किसान का लड़का और अमीर चंद गौटिया की लड़की एक ही क्लास में पढ़ते थे और दोनों का प्रेम हो जाता है। लड़की-लड़का जब गांव आते है यह बात पंचायत तक पहुंचती है। अमीरचंद गौंटिया पैसे के घमंड में पंचायत वालों को खरीदने की कोशिश करता है मगर गरीब दास का बेटा पढ़ा-लिखा है और कानून का हवाला देकर पंचायत को खरीदने से बचा लेता है। आखिरकार पंचायत के सामने अमीरचंद गौंटिया को झुकना पड़ता है।


इस गम्मत में गौटिया-मिलन साहू,गौंटनिन-तेखन पटेल,गरीब-सावत राम नेताम,लड़का(राजू) रामसिंह साहू,कोतवाल-इंदरमन जंघेल,पुलिस-शशिकुमार वर्मा,हीरोइन-रमेश विश्कर्मा,बैगा-रामजी विश्कर्मा और बैगिन-सुरेंद्र उइके बने थे। इस गम्मत को दर्शकों ने खूब सराहा।