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Bhatapara Market भाटापारा– अरहर 9500 से 9800 रुपए क्विंटल। यह कीमत साफ संकेत दे रही है कि तेजी के यह दिन, नई फसल की आवक तक, रोज देखे जाते रहेंगे। दलहन की दूसरी किस्मों में भी तेजी आ चुकी है।

पर्व और त्यौहार के दिन चालू हो चुके हैं। ऐसे में दाल- चावल और हरी सब्जियों में मांग का दबाव बढ़ने लगा है लेकिन इन तीन किस्मों की कीमत जिस गति से बढ़ रही है, उससे उपभोक्ता खरीदी में कमी देखी जा रही है। इसके बावजूद दलहन में बढ़त बरकरार है।
पूरे साल उपभोक्ता मांग में बने रहने वाले अरहर की खरीदी, अब खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को भी भारी पड़ने लगी है क्योंकि तैयार दाल में अपेक्षित मात्रा में मांग नहीं निकल रही है। इसके बावजूद सीमित खरीदी के बीच 9500 से 9800 रुपए क्विंटल पर सौदे हो रहे हैं। मंदी की संभावना दूर-दूर तक नजर नहीं आ रही है।

अरहर की अपेक्षा चना में मांग अच्छी है। घरेलू के अलावा फास्ट फूड सेंटर और होटलों की मांग भी है लेकिन मांग की तुलना में आवक कमजोर ही है। इसलिए चना खैरी, कोल्ड स्टोर ग्रेड 5500 रुपए और प्रांगण में 5300 से 5450 रुपए क्विंटल पर खरीदा जा रहा है। तेजी का साफ संकेत, चना खैरी भी दे रहा है।
कमजोर फसल के बाद से ही तेज चल रही मसूर ने 5000 से 5500 रुपए क्विंटल की नई कीमत अपने नाम कर ली है। बटरी में 4480 रुपए पर भाव खुला और 4500 रुपए में बंद हुआ। कारोबारी सप्ताह के दूसरे दिन तीवरा में आई तेजी, कारोबार बंद होने तक बनी रही। इसमें 3800 रुपए क्विंटल पर सौदे होने की खबर है। इसमें 100 से 150 रुपए और तेजी की धारणा है।

दलहन और तिलहन की नई फसल में अभी आठ माह का लंबा समय है। मांग और आपूर्ति के बीच अंतर जिस गति से बढ़ रहा है, उसने तिलहन उत्पादन किसानों को पहली बार जोरदार कमाई का मौका दिया हुआ है क्योंकि सरसों और अलसी दोनों की कीमत पहली बार एक समान याने 5000 रुपए क्विंटल बोली जा रही है।