हमारे बारे में
छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है।
हमारे बारे में
छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है।

Assembly elections भिलाई । भिलाई विधायक द्वारा पिछले विधानसभा चुनाव में लोगों को लीज पर मकान दिलाने का वादा किया गया था जो पूर्ण रूप से खोखला साबित हुआ। अब एक बार फिर चुनाव के ठीक पहले लोगों के सामने उनके द्वारा झूठ लाकर परोसा जा रहा है। लीज डीड का पंजीयन कराकर एक बार फिर लोगों को गुमराह किया जा रहा है। इस लीज डीड के पंजीयन से केवल शासन को राजस्व की प्राप्ति होगी, लीजधारक को इससे कोई भी विशेष लाभ नहीं मिलने वाला है। इस पूरे प्रकरण में यह सवाल उठता है कि इस पंजीयन के आधार पर मॉडगेज किया जा सकता है क्या ?

आज पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुए पार्षद पीयूष मिश्रा ने बताया कि अपने चिर परिचित स्वभाव के अनुरूप ही कांग्रेस नेता लोगों को आधी-अधूरी जानकारी देकर गुमराह कर रहे हैं। भिलाई नगर विधायक देवेंंद्र यादव और महापौर नीरज पाल बीएसपी प्रबंधन द्वारा हाउस लीज स्कीम 2002-03 के तहत 4500 संयंत्र कर्मियों और उनके आश्रितों को आवंटित लीज आवासों की लीज डीड पंजीयन का ऐसा ढिंढोरा पीट रहे हैं, मानो लीजधारकों को आवास का स्वामित्व मिल गया है। वास्तव में यह बीएसपी प्रबंधन और लीजधारकों के बीच हुए एग्रीमेंट का पंजीयन मात्र है, जो कि आमतौर पर 11 महीने से अधिक के किराया करारनामा पर साामान्य नागरिकों के लिए भी अनिवार्य है। इससे लीजधारकों का बहुत ज्यादा लाभ होगा, ऐसा कुछ भी नहीं है। इससे शासन को पंजीयन नहीं होने से हो रही राजस्व क्षतिपूर्ति की भरपाई अब अवश्य हो जाएगी।
श्री मिश्रा ने बताया कि वर्ष 2002-03 में बीएसपी द्वारा लोगों को 30 वर्ष की अवधि के लिए लीज पर मकान दिया गया था। यहां पर यह जानना जरूरी है कि किसी भी रेंट एग्रीमेंट की अवधि 11 माह से अधिक होने पर संपत्ति अंतरण अधिनियम की धारा 105 के तहत लीज डीड का पंजीयन आवश्यक होता है। उस समय इस लीज डीड का पंजीयन नहीं हो सका था। इसके कारण शासन को मिलने वाला राजस्व प्राप्त नहीं हो सका था। इसी राजस्व की प्राप्ति के लिए विधायक द्वारा लोगों को गुमराह किया जा रहा है। विधायक देवेंद्र यादव ने पिछले विधानसभा चुनाव में हाउस लीज स्कीम के छठे फेज का समर्थन किया था। अब जब फिर चुनाव आ रहा है तो जनता झूठे वादे और दावे का हिसाब न मांग ले, इसलिए अब लीज डीड पंजीयन का मामला ले आए हैं और फिर से लोगों को गुमराह कर रहे हैं। विधायक और महापौर जनता की भावनाओं से कब तक खिलवाड़ करते रहेंगे।
श्री मिश्रा ने बताया कि यहां पर रजिस्ट्री एवं लीज डीड का पंजीयन के बीच के अंतर को समझना जरूरी है। किसी भी प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री वर्तमान कलेक्टर दर के अनुरूप तय शुल्क पर ही की जाती है और इससे आवेदक को उस प्रॉपर्टी का मालिकाना हक भी प्राप्त होता है। इसके ठीक विपरीत लीज डीड की रजिस्ट्री मात्र एक रेंट एग्रीमेंट का रजिस्ट्रेशन है जिससे आवेदक को कोई मालिकाना हक प्राप्त नहीं होगा। श्री मिश्रा ने कहा कि यहां पर यह बात भी गौर करने वाली है कि नगर निगम जो कि अपने स्वयं की स्वामित्व वाली आकाशगंगा एवं अन्य जगहों पर लीज पर दी गई प्रॉपर्टी का नवीनीकरण आज भी नहीं करा पा रही हैं। लेकिन केवल चुनाव को ध्यान रखते हुए लोगों को गुमराह करने के लिए बीएसपी की स्वामित्व वाली प्रॉपर्टी के नवीनीकरण की बात कर रहे हैं। ये लोग अनुबंध के पंजीयन कराकर लीजधारकों के बीच प्रॉपर्टी का मालिकाना हक प्राप्त होने का भ्रम फैला रहे हैं।
टाउनशिप में रहने वाले लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। बीएसपी के आवासों के लीज की रजिस्ट्री प्रक्रिया बुधवार 12 जुलाई से शुरू हो गई है।
पहले दिन कई लोगों ने अपना रजिस्ट्री करवाया भी। इसके लिए हितग्राही सुबह से ही दुर्ग पंजीयन कार्यालय पहुंचे। जहां माननीय भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव महापौर नीरज पाल स्वयं उपस्थित रहे। लेकिन अब हितग्राहियों की सुविधाओं को देखते हुए नई पहल की गई है। अब हितग्राहियों को रजिस्ट्री कराने के लिए। बीएसपी कार्यालय व पंजीयन कार्यालय के चक्कर काटने नहीं पड़ेंगे। लोगों को जल्द से जल्द और बड़ी आसानी से आवासों बड़ी ही सुविधा जनक तरीके से और आसानी से रजिस्ट्री की प्रक्रिया हो सकेगी।
इसके लिए विधायक देवेंद्र यादव और महापौर नीरज पाल ने अच्छी पहल की है। अब सेक्टर 5 स्थित डोमशेड में सारी प्रक्रिया की जाएगी। यही सब बैठ कर आसानी से अपनी सभी प्रक्रिया पूरी कर लेंगे। इसके बाद फिर लोगों क अंत में जब रजिस्ट्री की जाएगी तब रजिस्ट्री कार्यालय जाना होगा। क्योंकि वहाँ हितग्राहियों का ऑन लाइन फोटो खींचा जाता है डिजिटल हस्ताक्षर करवाता जाता है। अंत मे सिर्फ इसी प्रक्रिया को पूरा करने स्वयं जाना पड़ेगा। इसके अलावा सारी प्रक्रिया को बेहद सरल और सुलभ तरीके से सेक्टर 5 में ही पूरा कर लिया जाएगा। इससे लोगो को बड़ी सुविधा और लाभ मिलेगा।