B. M. Shah Hospital : बी. एम. शाह हॉस्पिटल (एसएमसी) में कार्डियोलॉजी विभाग ने कैथेटर डायरेक्टेड थ्रंबोलाइसिस तकनीक के माध्यम से सफतला पूर्वक किया इलाज..


B. M. Shah Hospital : भिलाई..कैलाश नगर भिलाई निवासी श्री गिरिजा शंकर, उम्र- 38 वर्ष बाएं के दर्द, सुन्नपन, हाथ का काम ना करना एवं हाथ नीले पड़ने से परेशान होकर बी. एम शाह हॉस्पिटल में भर्ती हुये। हॉस्पिटल में कार्डियोलॉजी विभाग के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. गौरव जैन की निगरानी में मरीज के सभी जांचे हुई, जिसमें सी. टी. स्कैन में पाया गया की मरीज को एक्यूट ब्रेकियल आट्री थ्रोम्बोसिस (मुख्य नस ब्रेकियल आट्री में खून का थक्का जमना) बिमारी था।


तब डॉ. गौरव जैन ने मरीज एवं मरीज के रिश्तेदार को कैथेटर डायरेक्टेड थ्रंबोलाइसिस के विधि के बारे में बताया, इस विधि में मरीज के पैर की नस से तार (कैथेटर) डालकर हाथ की नस पहुंच कर तार (कैथेटर) के माध्यम से खून पतला करने की दवाई (स्ट्रोपट्रकानेस) डालकर जहां खून का थक्का जमा था वहा सीधे दवाई डालकर 24 घण्टे के भीतर खून के थक्को को बाहर निकाला।


डॉ. गौरव जैन ने बताया की इस बिमारी का इलाज सही समय पर न कराने से हाथ की काटने की अवश्यकता पड़ सकती हैं।


दूसरे हॉस्पिटल में मरीज को सर्जरी की सलाह दी परन्तु हमारे कार्डियोलॉजिस्ट ने सरलतापूर्वक मरीज की बिना सर्जरी किये कम दरों पर मरीज का नस खोल दिया एवं दूसरे दिन मरीज का हाथ काम करना शुरू कर दिया।

ये सब संभव हो सका है बी. एम. शाह अस्पताल के कैथ लैब में मौजूद आधुनिक उपकरण, इंफ्रास्ट्रक्चर एवं टीम की कड़ी मेहनत और उचित देखभाल से |

डॉ. अरुण मिश्रा ( डायरेक्टर ऑपरेशन)


सर्जरी के बाद मरीज स्वस्थ है मरीज एवं मरीज के रिश्तेदार ने डॉ. गौरव जैन एवं पूरी कैथ लैब टीम का शुक्रिया अदा किया ।


हॉस्पिटल के मेडिकल डॉयरेक्टर डॉ. जय तिवारी एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी विमल कुमार मल्होत्रा ने हॉस्पिटल के कार्डियोलॉजिस्ट एवं कैथ लैब टीम को शुभकामनाएं दीं ।