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छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है।
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Vakratunda Mahakaya भाटापारा- रंग तो तेज हैं ही। अब पोशाक जैसे स्वरूप देने के लिए जरूरी सामग्री की खरीदी पर अच्छी-खासी रकम खर्च करनी पड़ेगी। असर यह कि गणेश पूजा समितियों को विघ्नहर्ता के लिए न्यौछावरी बीते बरस की तुलना में ज्यादा देनी होगी।
गणेश प्रतिमाओं को आकार दिया जाने लगा है। सूरजपुरा मार्ग पर घर के बरामदे में मूर्तिकार तिलकराम वर्मा जुटे हुए हैं, गणेश प्रतिभाओं को स्वरूप देने के लिए। एक माह बाद आ रहे गणेश पर्व के लिए अभी से बड़ी तीन प्रतिमा के आर्डर ले चुके तिलक उत्साहित है कि हो रही पूछ-परख से उम्मीद है कि इस वर्ष गणेश पंडाल की संख्या में बढ़त के प्रबल आसार हैं।
बड़ी प्रतिमाओं के लिए बेहद जरूरी पोशाक की कीमतों में जोरदार उछाल आया है। हालांकि डिजाइन आकर्षक हैं। जरी और लेस की कीमत भी बढ़ी है लेकिन आई तेजी के बावजूद समितियों का रुझान जानने के बाद पोशाक की खरीदी के लिए आर्डर दिए जाने लगे हैं। आकर्षक नख-शिख पर भी तिलक गंभीरता के साथ ध्यान दे रहे हैं।
प्रतिमा बनाने के लिए बेहद अहम मिट्टी की खरीदी पर किलो पीछे अब 25 रुपए देने पड़ रहे हैं। बीते बरस इसकी खरीदी 20 रुपए किलो की दर पर की गई थी। इसी तरह रंग की खरीदी पर 5% अतिरिक्त रकम खर्च करनी पड़ रही है। आवश्यक है, इसलिए प्रारंभिक जरूरत जिस रंग की होती है, उसकी खरीदी की जा चुकी है।
फ्रेम, मिट्टी, रंग और पोशाक में आई तेजी के बाद प्रतिमा निर्माण की लागत में वृद्धि आने लगी है। लिहाजा गणेश पूजा समितियों को न्यूनतम 50 रुपए और अधिकतम 500 रुपये प्रतिमा के लिए ज्यादा न्यौछावर करने होगें।बताते चलें कि मूर्तिकार तिलकराम वर्मा के पास तीन बड़ी प्रतिमाओं के लिए आर्डर बुक करवाए जा चुके हैं।