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छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है।
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Good News : भिलाई। अक्सर पुलिस थानों में शिकायत कर्ता को आवेदन के नाम पर काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता था। शिकायत कर्ताओं की सबसे बड़ी समस्या यह होती थी कि किसी भी मामले में आखिर आवेदन कैसे लिखा जाए। दुर्ग जिले के भिलाई नगर में तैनात आईपीएस एवं नगर पुलिस अधीक्षक भिलाई नगर निखिल अशोक राखेचा ने शिकायत कर्ताओं की इस समस्या को समझा और इस ऐसा हल निकाला कि अब आवेदन देना आसान हो गया है। आप सोच रहे होंगे कि आखिर आईपीएस राखेचा ऐसा क्या कर दिया। आइए हम आपको बताते हैं।

दरअसल आईपीएस निखिल राखेचा ने शिकायत कर्ताओं की समस्याओं को देखते हुए आवेदन का एक फार्मेट तैयार कराया है। इस फॉर्मेट में शिकायत कर्ता को केवल दिए गए बिंदुओं के आधार पर अपनी शिकायत को प्वाइंट आउट करना है। जैसे कोई चोरी की शिकायत लिखाने पहुंचा तो फॉर्मेट तैयार है। शिकायत कर्ता को केवल इस फार्मेट को भरना है। जिसमें नाम, पता, चोरी का समय, क्या-क्या चोरी हुआ आदि। इसी प्रकार अन्य किसी भी मामले में शिकायत के लिए केवल फार्मेट को फिलअप करना है जो कि बेहद आसान है। आईपीएस राखेचा की इस यूनिक पहल को पूरे जिले के सराहा जा रहा है। केवल आईपीएस रखेजा के अधिकार क्षेत्र के थानों में ही नहीं बल्कि दुर्ग जिले के सभी थानों में इस व्यवस्था को लागू करने का प्रयास किया जा रहा है।
बता दें मेनुअल पद्धति में आवेदन लिखना हर किसी के बस की बात नहीं है। यदि किसी शिकायत कर्ता को थाने पहुंचकर शिकायत लिखानी होती है तो उसे एक सादे कागज पर आवेदन लिखना होता है। उसी आवेदन के आधार पर एफआईआर की जाती है। यह काफी पेचिदा होता है क्योंकि पुलिस थाने में शिकायत के लिए आवेदन लिखने में शिकायत कर्ता को काफी परेशानी होती है। भाषा के साथ विषय को प्रदर्शित करते हुए आवेदन लिखना कठनाई से भरा होता है। आईपीएस निखिल राखेचा की पहल से कम से कम शिकायत कर्ताओं को थाने में आवेदन लिखने की पेचिदगी से छुटकारा मिल गया है।
इससे पहले आईपीएस निखिल राखेचा ने सभी थानों में एक शिकायत व सुझाव पेटी की भी पहल की थी। तत्कालीन एसपी डॉ अभिषेक पल्लव ले आईपीएस निखिल राखेचा के सुझाव के बाद ही सभी थानों में शिकायत पेटी लगवाने का आदेश दिया था । इससे अपराधिक मामलों में गुप्त शिकायतें पुलिस को मिलने लगी। यही नहीं कई मामलों में तो पुलिस के गलत काम की भी शिकायत इन पेटियों के माध्यम से मिली है। आईपीएस निखिल राखेचा इसे भी थोड़ा हाईटेक करने जा रहे हैं। गुप्त शिकयतों के लिए उन्होंने एक पेज बनाया है और उसका क्यूआर कोड सभी थानों में लगाया जाएगा। इससे शिकायत कर्ता क्यूआर कोड स्कैन कर अपनी शिकायत सीधे ऑनलाइन पेज पर दे पाएंगे। इसमें भी शिकायत कर्ता का नाम पूरी तरह से गुप्त रखा जाएगा।