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छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है।
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Bhilai Steel Plant : भिलाई..भिलाई इस्पात संयंत्र एससी एसटी एम्पलाईज एसोसिएशन से सम्बन्धित प्रमुख मुद्दे-
1. एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनील कुमार रामटेके जो पिछले एसोसिएशन की मासिक बैठक में उपस्थित नहीं हो रहे हैं। 1 साल से 2. एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनील कुमार रामटेके द्वारा औद्योगिक संबंध विभाग में लाईजन ऑफिसर के समक्ष एसोसिएशन का त्रैमासिक बैठक भी नहीं होने दिया जा रहा है। जिससे हम अपने एस सी एस टी वर्गों की समस्याओं को प्रबंधन के समक्ष रख नहीं पा रहे हैं।
3. एसोसिएशन ने डॉ. आम्बेडकरजी की मूर्ति लगाने के लिए कार्यपालक निदेशक कार्मिक एवं प्रशासन के साथ बैठक की जिसमें सेक्टर-1 चौक में लगाने की बात किये। फिर अध्यक्ष ने पीछे ऐसा विवाद पैदा किया गया कि मूर्ति सेक्टर-1 स्थित डॉ आम्बेडर पार्क में लगाई जाये। इस पर भी एसोसिएशन ने अपनी सहमति दी। और पार्क में पेडेस्ट्रियल बनाया गया। फिर उन्होंने कुछ लोगों को लेकर स्वयं मूर्ति सेक्टर-1 चौक में लगाने का विरोध करने धरना पर बैठ गया। और सेक्टर-1 चौक में एक फ्लैक्स लगाकर इसे विवादित कर दिया, और मूर्ति को लगाने नहीं दिया। मूर्ति को सुनील कुमार रामटेके के द्वारा ही 2012 से छुपाया गया था और एसोसिएशन को मूर्ति स्थापना के संबंध में लगातार गुमराह कर रहा था।
आयोजित पत्रकार वार्ता समिति के लोगों ने कहा कि डॉ. आम्बेडकर भवन प्रेरणा स्थल सेक्टर-6 में लगाने का प्रस्ताव पारित कर उच्चप्रबंधन को निवेदन किया तब मूर्ति के बारे में पता चला जिसे रामटेके ने आनन-फानन में एसोसिएशन में लिये गये प्रस्ताव एवं निर्णय के विरुद्ध प्रेरणा स्थल के मैदान के एक कोने में संविधान निर्माता, भारत रत्न डॉ बाबा साहब आम्बेडकर जी की प्रतिमा का सम्मान, प्रतिष्ठा को दरकिनार कर.लगवा दिया, जो कि सर्वथा अनुचित है।
4. सतनामी समाज के स्वाभिमान के प्रतीक, सत्य, अहिंसा, समानता का संदेश देने वाला पवित्र जैतखाम को बनाने के लिए प्रबंधन ने तत्कालीन राज्य अनुसूचति जाति आयोग के अध्यक्ष की गरिमामयी उपस्थिति में भूमि पूजन कर चुके हैं। परंतु जानबूझकर इस पर देरी करवाया जा रहा है। और अभी तक इस पर कोई भी कार्यवाही नहीं होने दिया गया जबकि जैतखाम से सम्बन्धित कागजात एसोसिएशन ने प्रबंधन को सौंप चुका हैं।
मंदिर का 5. छत्तीसगढ के प्रथम शहीद वीरनारायण सिंह जी को सम्मान प्रदान करने हेतु जिसे टालने के एसोसिएशन ने प्रस्ताव पास कर प्रबंधन से निवेदन किया था, लिए कभी टी ए. बिल्डिंग का नामकरण करने, तो कभी कला
नामकरण करने, कभी सेक्टर-10 के स्कूल का नामकरण करने की उलझाया गया था। आयोग से शहीद वीरनारायण सिंह को प्रमुखता से उठाया तब इन्होने बिना एसोसिएशन से चर्चा किये जयंती स्टेडियमका नामकरण करने की योजना बनवाई और नामकरण किया गया। परंतु उनकी भव्य मूर्ति आज पर्यन्त नहीं लगाने दी गई ।
बात करके जी के मुद्दे 6. सेल एस सी/एस टी एम्पलाईज फेडरेशन नई दिल्ली, केंद्रीय कमेटी में प्रत्येक.यूनिट से दो-दो पदाधिकारियों को स्थान मिलना था। जिसमें वे खुद केन्द्रीय कमेटी के अध्यक्ष बने तथा दूसरा पदाधिकारी हमेशा से मराठी लोगों को ही नामिनेट किया जबकि दूसरा पदाधिकारी हमारे एस टी वर्ग से होना था। मधुकर ठवरे
के सेवानिवृत होने के पश्चात बिना एसोसिएशन में चर्चा कये या प्रस्ताव पारित किये पिछले दरवाजे से आनंदराव रामटेके को संयुक्त सचिव बनाया गया है।
एसोसिएशन जो कि वर्ष 2005 से
7. सुनील कुमार रामटेके नेपंजीकृत एवं भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन तथा सेल एस सी एस टी फेडरेशन नईदिल्ली से मान्यता प्राप्त है। तथा सुनील रामटेके अध्यक्ष तब से अब तक बने हुए हैं। परंतु एक बड़ी साजिश के तहत उन्होनें एक नया एसोसिएशन का पंजीयन करवा लिया है जिसका नाम भी हमारे एसोसिएशन का नाम है, वही पता है, हमारा ही लेटरहेड का डिजाईन है, लोगो एवं मोनो भी हमारा ही रखा है। यह उनके द्वारा न सिर्फ एसोसिएशन को धोखा देना है बल्कि सम्पूर्ण एस सी एस टी समाज को धोखा देना है। साथ ही उन्होनें इस फर्जी एसोसिएशन को
प्रबंधन के पास मान्यता के लिए आवेदन किया है। यह कृत्य समाजसाथ-साथ प्रबंधन को भी गुमराह करना, धोखा देना, कम्पनी की प्रतिष्ठा को धूमिल करना है। पिछले दिनों उन्होने सडक-8 में एक बैठक बुलाई थी, जिसमें उनका कहना था
एक नया एसोसिएशन कि यो पुराना एसोसिएशन खतम हो गया है। हमनेपंजीयन करवाये हैं आप लोगों को इसकी सदस्यता पर्ची काटनी है। यह इनकी जिस धोखा देने की।
कितनी बड़ी साजिश है एस सी एस टी समाजको एसोसिएशन ने उन्हें पिछलेदिया। उसकी 17 वर्षोंमें पद, प्रतिष्ठा, सम्मान अस्तित्व को खतम बता रहे है। चूंकि वे 31 जुलाई 2023 को सेवानिवृत्त हो रहे हैं इसलिए ऐसा कूट रचना करके षडयंत्र रचे हैं कि सेवानिवृत्ति के बाद भी मैं इसएसोसिएशन का अध्यक्ष बना रहूं। साथ ही राष्ट्रीय स्तर के संस्था सेल एससी एसटी एम्पलाईज फेडरेशन में भी सुनील रामटेके चेयरमेन हैं, परंतु उसमें भी दे सेवानिवृत्ति के बाद चेयरमेन बने रहने के लिए षडयंत्र रच कर फेडरेशन में भी तोड-फोड कर रहा है। आज एसोसिएशन के समक्ष बड़ी विपरीत परिस्थितियां निर्मित की गई हैं। इसे प्रबंधन भी अच्छी तरह से जानता है। हम प्रबंधन से मांग करते हैं कि ऐसे षडयंत्रकारी, धोखेबाज, समाजविरोधी व्यक्ति को प्रश्रय देने की जरूरत नहीं है। एसोसिएशन के बायलॉज के अनुसार जो भी कर्मचारी सेवानिवृत्त हो जाता है।.उनकी एसोसिएशन से सदस्यता स्वतः ही समाप्त हो जाती है। परंतु सेवानिवृत्त होने के बाद भी एसोसिएशन में अवैध एवं असंवैधानिक रूप से कब्जा करके अध्यक्ष बने रहने की उनके कुत्सित प्रयास से सम्पूर्ण अनुसूचति जाति एवंजनजाति समाज आक्रोशित है।
एसोसिएशन के साथ-साथ समस्त एस सी एस टी समाज प्रबंधन से मांग करता है कि ऐसे समाज विरोधी को तवज्जों न दिया जाए आयोजित इस पत्रकारवार्ता में एसोसिएशन से महासचिव कोमल प्रसाद, सचिव विजय कुमार रात्रे, कार्यकारिणी सदस्य अनिल कुमार खेलवार, चेतन लाल राणा, कृष्ण कुमार रामटेके, सतनामी समाज के गुरु घासीदास सेवा समिति के अध्यक्ष आर डी देशलहरा , महासचिव एस एल मिर्चे , संत शिरोमणी रविदास समाज संघ के अध्यक्ष बहादुर जयसवारा , जयंती प्रसाद एसोसिएशन के सक्रिय सदस्यों में परमेश्वर कुर्रे , कुमार भारद्वाज ,
वेद प्रकाश सूर्यवंशी , के डी बघेल , मनोज जांगेडे ,जीतेन्द्र भारती , भूपेन्द्र कुमर ध्रुव , राजेन्द्र कोसरे उपस्थित थे।