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Punjab Airways भुंतर। सूबे के करीब 1,100 एनसीसी कैडेटों के लिए राहत की खबर है। बुधवार को भुंतर हवाई अड्डे में एनसीसी के माइक्रोलाइट एयरक्राप्ट का ट्रायल हुआ। भुंतर हवाई अड्डे में एनसीसी के दो सीटर माइक्रोलाइट एयरक्राप्ट के लिए टैक्सी ट्रैक और हैंगर का निर्माण जारी है। ऐसे में अब प्रदेशभर के एनसीसी के कैडेट एयरक्राफ्ट को उड़ाने का प्रशिक्षण भुंतर में ही ले सकेंगे। बुधवार को भुंतर के कुल्लू-मनाली भुंतर एयरपोर्ट पर पहली बार वायरस एसडब्लू 80 माइक्रोलाइट एयरक्राफ्ट की लैंडिंग हुई।
Punjab Airways पंजाब एयरवेज पटियाला के कमान अधिकारी ग्रुप कमांडर राजेश शर्मा, एचपी एयर स्कवाड्रन के ग्रुप कमांडर संजीव शर्मा सहित अन्य अधिकारियों ने भुंतर एयरपोर्ट पर माइक्रोलाइट एयरक्राफ्ट से उड़ान भरी। इस दौरान एनसीसी के दो कैडेट भी इसमें शामिल हुए। ट्रायल के बाद माइक्रोलाइट एयरक्राफ्ट ने पटियाला के लिए उड़ान भरी। पटियाला के कमान अधिकारी ग्रुप कमांडर राजेश शर्मा ने कहा की माइक्रोलाइट एयरक्राफ्ट पहली बार भुंतर एयरपोर्ट पर लैंड किया।
Punjab Airways एनसीसी एयर विंग कैडेटों का सबसे पहले इसी माइक्रोलाइट एयरक्राफ्ट में प्रशिक्षण होता है। उन्होंने कहा कि एनसीसी एयर विंग कैडेट एयरक्राफ्ट फ्लाइंग का अनुभव करने के बाद आर्मी या निजी क्षेत्र में अपनी सेवाएं देते हैं। जल्द ही भुंतर एयरपोर्ट पर एयरक्राफ्ट को ऊंचाई पर उड़ान भरने का सौभाग्य एनसीसी कैडेटों को मिलेगा। उन्होंने कहा कि अगले पांच महीने में एनसीसी एयर विंग कैडेटों के लिए फ्लाइंग की सुविधा शुरू होगी।
एनसीसी कैडेटों के लिए सेकेंड ईयर में दो, थर्ड ईयर में तीन उड़ान करना अनिवार्य है। इसे पहले 10 से 15 मिनट की फ्लाइंग करने के लिए हिमाचल के कैडेटों को पटियाला में ट्रेनिंग के लिए जाना पड़ता था। भुंतर एयरपोर्ट के निदेशक सिद्धार्थ कदम ने कहा कि एनसीसी एयर विंग के माइक्रोलाइट एयरक्राफ्ट का मामला कई वर्षों से लटका हुआ था। टैक्सी ट्रैक का निर्माण भारतीय एयरपोर्ट अथॉरिटी की ओर से किया गया है।
हैंगर को प्रदेश सरकार की मदद से पूरा किया जा रहा है। इसका 70 फीसदी काम पूरा हो गया और दो माह में पूरा हो जाएगा। भुंतर में एनसीसी कैडेटों को प्रशिक्षण की सुविधा मिलने से कैडेटों को एविएशन सेक्टर में रुचि बढ़ेगी। एनसीसी एयर विंग सार्जेंट कैडेट रेणुका ठाकुर ने कहा कि भुंतर एयरपोर्ट में उन्हें पहली बार माइक्रोलाइट एयरक्राफ्ट में पहली बार उड़ान भरने का मौका मिला है। प्रदेश के सैकड़ों एनसीसी कैडेटों को लाभ मिलेगा।